ट्यूशन के बहाने दो बच्चो से चुदाई करवाई । कुणाल और राहुल ने मेरी जबरदस्त चुदाई की । हिंदी सेक्स स्टोरी ।
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Tution ke bahane 2 bacchon se karwayi chudai |Kunal Aur Rahul ne ki teacher ki Zabardast Chudai
हेल्लो मेरे प्यारे मित्रो मेरा नाम रितिका सैनी है
यह कहानी मुझे संगीता जी ने भेजी है ।
आगे की कहानी उन्हीं की जुबानी ।
आज मैं अपनी लाइफ की एक स्टोरी आपके सामने पेश करने वाली हूं। जिसको पढ़कर आप बिना मुठ मारे रह नही पाओगें।
मेरा नाम संगीता है उम्र चोबीस साल है और मेरी हाइट करीब पांच फुट सात इंच की है । मेरी गांड जो मेरे शरीर का सबसे बड़ा अंग है और इसी अंग के लोग दीवाने है । मेरी चुचिया गांड के मुकाबले थोड़े कम साइज की है । लेकिन अगर उन्हें कोई देख ले तो बिना मेरे चुचे दबाएँ रह नही पाएगा ।
मेरे शादी हुए 3 महीने ही हुए है पर मुझे मेरे पति से वो सुख नही मिल पा रहा था जो मुझे चाहिए था । मेरे पति का लंड था तो लंबा और मोटा पर वह जल्दी ही अपना पानी मेरी चूत में गिरा कर सो जाते थे। तब मैंने किसी दूसरे मर्द से चुदने की सोची और एक दिन खाली बैठे-बैठे दिमाग मे ख्याल आया क्यो न किसी स्कूल में पढ़ाया जाएं और किसी जवान बच्चे से अपनी प्यास शांत कराऊ । मैंने स्कूल में पढ़ाने की बात अपने पति को बताई तो वह थोड़ी आना कानि करने के बाद मान गए । पैसो की घर मे कोई कमी नही थी।
मैं तो अपनी प्यास के लिए स्कूल में लगी थी कि कोई जवान बच्चा मेरी गर्म चूत की आग को शांत कर दे ।
घर से थोड़ी ही दूरी पर एक प्राइवेट स्कूल था वहाँ पर मैं दस हज़ार रुपये की तनख्वाह पर लग गई और मुझे केवल बच्चो को साइंस सब्जेक्ट पढ़ाना था ।
स्कूल में सभी टीचर्स को एक अलग छोटा सा कमरा भी दिया जाता था । फ्री पीरियड में रेस्ट करने के
लिए । मुझे सिर्फ चार पीरियड बच्चो को पढ़ाना था । पहला पीरियड और लास्ट पीरियड दसवीं कक्षा को ।
बाकी दो पीरियड नोवि कक्षा को । मैं डेली अपनी एक्टिवा से स्कूल जाया और आया करती थी । पहला दिन था तो स्कूल में अच्छा इम्प्रैशन जमाना था तो एक रेड कलर की साड़ी नाबी से नीचे पहन के चली गई । मेरा पहला दिन था दसवीं क्लास में मेरा पहला पीरियड लगा और मैं क्लास में गई बच्चो की नज़र मेरे गोरे बदन पर गई सब बच्चे मुझे घूरे जा रहे थे ।
मैंने बच्चो को अपना नाम बताया ओर एक-एक करके सभी बच्चो से नाम पूछा उसके बाद मैंने बच्चो से पूछा बेटा क्लास का मॉनिटर कौन है?
तो बच्चो ने कुणाल नाम के लड़के की तरफ उंगली की बेंच पर दो लड़के बैठे थे दोनो ही दिखने में काफी हैंडसम थे। उसमे से एक बच्चा खड़ा हुआ हाइट मेरे से थोड़ी सी ज्यादा थी । मैंने उसको स्माइल देकर बैठने के लिए कहा और पढ़ाने लगी । घण्टी बजी तो बाहर जाते हुए कुणाल को अपने रूम पर (जो हमे स्कूल की तरफ से मिला हुआ था ) आने के लिए बोला ।
तो वह ओर उसके साथ उसका दोस्त राहुल भी चल दिया वह भी ठीक ठाक था दिखने में हाइट में वह भी मुझसे लंबा था और शरीर मे ठीक ठाक था । मैं दोनो से बाते करते हुए अपने रूम पर पहुँच गई । मैंने उन्हें सामने वाली दो चेयर पर बैठने के लिए कहा और खुद सामने वाली चेयर पर हल्की सी झुक कर बैठ गई मैने उनको कल का होमवर्क लिखने और याद करने के लिए बताया और क्लास में भी सभी बच्चो को बताने के लिए कह दिया । उन दोनों बच्चो की नज़र मेरे चुचियो पर थी और भी यही चाह रही थी । मैंने भी उनको नॉटी स्माइल देते हुए कहा की बेटा होमवर्क जरूर करके आना लिखकर और याद भी करके ।
दोनो अपनी क्लास की और चल दिये । लास्ट पीरियड फिर मेरा उनकी क्लास में था तो मैं चल दी अपना रूम लॉक करके और क्लास में जाकर बैठ गई और बच्चो को थोड़ा सा काम याद करने के लिए दे दिया ओर कहा कि अभी मैं पंद्रह मिनट में सुनूंगी । तो राहुल और कुणाल पढ़ने लगे । बाकी बच्चो की नज़र मेरी और थी । बच्चे जल्दी जल्दी याद करने लगे । पंद्रह मिनट बाद मैं उनसे सुनने लगी । किसी बच्चे ने कुछ नही याद किया था सब मुँह लटका कर खड़े हो गए । सिर्फ कुणाल और राहुल ने सही सुनाया था या या कहे दोनों मुझे इम्प्रेस करना चाहते थे । मैं दोनो से इम्प्रेस हुई और शाबाशी देते हुए बैठने के लिए कहा ओर सारी क्लास को गुस्से में देखते हुए क्लास से निकल गई ।
अब यह काम डेली का हो गया था कोई बच्चा कुछ नही सुनाता था राहुल थोड़ा पढ़ने में कुणाल से कमजोर था मैं उसे कुछ नही कहती थी क्योकि मुझे यकीन था की राहुल या कुणाल में से ही कोई मेरी प्यास बुझा सकता है।
अगले दिन भी सारी क्लास खड़ी थी राहुल और कुणाल को छोड़कर । दूसरा दिन था तो मैंने बच्चो की पिटाई शुरू कर दी और अपने रूम में चली गई ।
लास्ट पीरियड मेरा ही होता था मैं गई और सुबह का काम फिर से सुनने लगी और स्कूल की छुटि हो गई थी । फिर से मैंने उन्हें अपने रूम पर बुलाया और रूम पर पहुँच कर मैंने दोनो को सबसे पहले एक-एक उनके गाल पर किस किया दोनो शर्मा गए फिर मैंने कहा शर्मा क्यो रहे हो यह तुम्हारी मेहनत का फल है अगर रोज पढोगे तो डेली एक किस मिलेगी। दोनो मेरी तरफ एक हवस की नज़र से देख रहे थे ।
मैंने उन्हें अगले दिन का होमवर्क बता दिया फिर वह अपनी क्लास में चले गए । हर रोज सारी क्लास मुँह लटका कर खड़ी हो जाती मैं उन्हें कुछ न कुछ पनिशमेंट देती ।
कुणाल और राहुल को सुनाने पर उनको गिफ्ट में एक-एक किस देती सबके सामने नही अपने रूम में । अब किस की वजह से दोनों डेली पढ़कर आने लगे और दोनो दसवी कक्षा में अच्छे नंबरो से पास हुए उनके घर वालो ने भी मुझे शाबाशी दी और मुह मीठा करवाया । जिस स्कूल में मैं पढ़ाती थी वह दसवीं तक ही था बाकी की पढ़ाई के लिए राहुल और कुणाल को दूसरे स्कूल में दाखिला लेना पड़ा मैं स्कूल से हट गई थी अब मुझे दो शेर मिल गए थे जो मेरी प्यास बुझा सकते थे मुझे यकीन था वह मेरे बिना नहीं रह पाएंगे उन्होंने दूसरे स्कूल में भी मेडिकल ऑप्शन को चुना और उनके घर वालो ने मेरे पास दोनो बच्चो को ट्यूशन पढ़ने के लिए भेज दिया।
अब दोनो ग्यारवी कक्षा में हो गए थे । मैं उनको जान बूझ कर पढ़ाने के बहाने उकसाने के लिए अपने चुचे उन्हें दिखाती और ऐसे ही पढ़ाती थी ।
दोनो बच्चे पढ़ते भी ओर चुचियो को भी घूरते । दोनो बच्चों को मै किस का लालच देकर पढ़ाती थी कि जो पहले काम करेगा उसको किस मिलेगी दोनो गालो पर कुणाल होशियार था तो वह जल्दी सुना देता था और मैं उसको दोनो गालो पर किस करती । राहुल भी यह देख जल्दी याद करता ।
किस के लालच में दोनों बहुत होशियार हो गए थे । अब उनके पेपर नज़दीक आ गए थे सिलेब्स काफी रहता था तो मैंने तरकीब लगाई जिस से यह जल्दी सारा सिलेब्स कर ले । अगले दिन जब वो ट्यूशन आये तो मैंने उन्हें कहा कि आज से हम डेली एक चैप्टर करेंगे जो सबसे पहले सुनाएगा उसे मेरी शरीर पर कही भी किस करने का मौका मिलेगा।
दोनों ने याद करना स्टार्ट कर दिया इस बार राहुल ने जल्दी जल्दी याद कर मुझे सुनाने लगा ।
कुणाल भी यह देख कर अब जल्दी-जल्दी याद करने लगा मैंने राहुल को अपने पास बुलाया और उससे पूछा की तुम कहा किस करना चाहते हो तो उसने बड़ी आराम से मेरी आँखों मे देखते हुए बोला मैडम जी आपके होटो पर मैंने उसको देखा उसकी आँखों मे हवस नज़र आ रही थी । मैंने उसके गाल पकड़ कर उसके हॉट पर किस करने लगी वह भी मेरी हॉट चूसने लगा । पाँच मिनट तक उसके हॉट चूसने के बाद मैंने उसे अपने से दूर किया । अब मुझे कुणाल और राहुल के पैंट में उनके खड़े लंड ऊपर से साफ दिखाई दे रहे थे कुणाल ने भी मुझे सुना दिया मैंने उस से पूछा की तुम कहा किस करना चाहते हो तो उसने भी हॉट कहा मैं भी उसके रसीले हॉट चूसना चाहती थी । फिर मैंने भी उसको पांच मिनट के बाद दूर कर दिया ।
अब कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा । दोनो के एग्जाम नज़दीक आ गए थे । पेपर में सिर्फ दो दिन रह गए थे । मैंने उन्हें स्कूल न जाने के लिए कहा और कहा की घर बता देंना की हम एग्जाम की तैयारी ट्यूशन पर करेंगे । घर वालो ने भी कुछ नही कहा । मैंने उन्हें सुबह नो बजे ट्यूशन आने के लिए बोला । अगले दिन सुबह आठ बजे तक मैंने अपने हसबैंड को तैयार करके खाना दे दिया और उन्हें हॉट पर एक किस देकर बाहर तक छोड़ आई । वह चले गए अभी साड़े आठ हुए थे बच्चो के आने में अभी आधा घंटा था तो मैं फ्रेश हो कर नहाने चली गई । अभी मैं नहा कर बस अपनी अंडरवियर पहने के लिए उठाई ही थी कि डोरबेल बजी । मैंने जल्दी ही एक बड़ा सा टोलिया लपेटा और गेट खोलने चली गई गेट खोला तो कुणाल और राहुल थे वे मुझे देखकर मुस्करा दिए । मैंने भी नॉटी स्माइल देते हुए उन्हें अंदर आने के लिए बोला । मैंने उन्हें बैठने के लिए बोला और अंदर जाकर कपड़े बदलने लगी । मैंने जैसे ही तोलिया खोला पीछे से राहुल की आवाज आई मैडम जी क्या आज भी जो पहले सुनायेगा उसको किस मिलेगी मैं पीछे मूडी राहुल की नज़र मेरी गांड पर थीं मैं मुड़ी ओर उसे अपने चुचियो और क्लीन सेव्ड चूत के भी दर्शन करा दिए । राहुल ने मेरी चूत देखते ही अपने होंठों पर जीभ फिरा दी । मैंने जल्दी से वापिस टोलिया लपेटा अब मुझसे और नही रहा जा रहा था । मैंने राहुल को अंदर बुलाकर उसके हॉट चूसने लगी दो मिनट के बाद मैं उस से अलग हुई । वह मेरी आँखों मे देख रहा था मैं उसके साथ बाहर आई जहाँ कुणाल बैठा था और दोनों को बोली की आज मैं दोनो से एक साथ सुनूंगी और दोनों के सुनाने के बाद दोनो को किस के अलावा भी आज कुछ मज़ा मिलेगा । दोनो मेरी तरफ देखने लगे मैंने उन्हें पढ़ने के लिए कहा और उन्हें पढ़ने के लिए पूरी बुक दे दी । दोनो को पूरी बुक याद थी बस रीवाइस करनी थी। दोनो ने करीब पैंतालीस मिंट में ही सारा पढ़ लिया और दोनों खुशी के मारे बोले मैडम जी हमे याद हो गया है सुन लो । मैं उनसे ज्यादा उतावली थी । मैं उनसे सुनने लगी मैंने दोनो से सब सुनलिया । मैं भी ख़ुश हो गई की चलो बच्चो को किसी बहाने से याद तो करा दिया अब मेरी बारी थी मैंने दोनो को अपने बैग बंद करने के लिए कहा और कहा की मेरे साथ मेरे बेडरूम में चलो । मैंने बैडरूम में पहुँच कर बिना शरमाये अपना टोलिया उतार दिया और दोनों के सामने बिल्कुल नंगी खड़ी हो गई । मैंने दोनो को अपने पास बुलाया राहुल की और कुणाल की नज़र मेरी क्लीन सेव्ड चूत से हट ही नही रही थी । दोनो मेरी चूत को बिना पलक झपकाएं देख रहे थे । उनके लिए तो यह एक सपने जैसा था । मैंने अपनी चुटकी बजाकर दोनो को सपने से बाहर निकाला और बोली क्या देख रहे हो देखना ही है आगे भी कुछ करना है । राहुल आया और मेरी चुचियो को पकड़ कर हल्के से दबाने लगा जैसे उसे एक्सपीरियंस हो । चुचियो को दबाते हुए नीचे बैठ गया और मेरी चूत चाटने लगा मैं एक दम से सिसक गई । यह सब देख कुणाल भी मेरे पास आया और मेरे पास आकर खड़ा हो गया उसे अभी भी शर्म आ रही थी मैंने उसको अपनी और खिंचा ओर उसके हॉट चूसने लगी अब वह भी मेरा साथ दे रहा था । मैंने उसका एक हाथ पक्कड़ अपनी चूची पर रखा वह बड़े मजे से उन्हें दबाने लगा । अब एक चूची राहुल ओर एक चूची कुणाल दबाने लगा । मुझे बहुत मज़ा आ रहा था । कुछ देर बाद मैने दोनो को रोका और दोनों को भी अपने अपने कपड़े निकालने के लिए बोला राहुल तो एक दम खड़ा हुआ और अपनी शर्ट ओर लोअर उतारने लगा । अब सिर्फ अंडरवियर में से उसका लंड काफी बड़ा लग रहा था राहुल की उम्र करीब सत्रह साल थी और उसका लंड अंडरवियर में से देख मुँँह में पानी आ गया था । क्योंकि मेरे पति न तो कभी मेरी चूत चाटते थे ओर न अपना लंड चूसने देते थे । मैंने कुणाल को देखा तो वह भी राहुल को देख रहा था उसने अभी तक अपने कपड़े नही निकाले थे । मैं उसके पास गई और उसके कपड़े निकालने लगी उसको शर्म आ रही थी मैने राहुल की तरफ देखा तो वह बिल्कुल नंगा खड़ा था और उसका लंड करीब मेरे पति के लंड जितना मोटा और लंबा था और वह अपने लंड को सहला रहा था। मैंने इंतज़ार न करते हुए कुणाल के सारे कपड़े निकाल दिए । उसका लंड राहुल से आधा इंच छोटा था मोटा उतना ही था दोनो के लंड एक दम तने हुए थे मैन राहुल को भी अपने पास बुलाया । मैंने राहुल ओर कुणाल के लंड को पकड़ कर आगे पीछे करने लगी । दोनो की आँखे बंद हो गई थी और दोनों मेरे हाथ का मज़ा ले रहे थे । अब मुझे दोनो के हाथ अपने शरीर पर घूमते दिखे मुझे जोश चढ़ने लगा मैंने पहले कुणाल का लंड अपने मुँह में लिया फिर राहुल का कुछ देर बाद दोनो का वीर्य जल्दी ही छूट गया था और मैं दोनो का वीर्य पिगयीं । वह दोनो अब रिलेक्स हो गए । अब हम तीनो बेड पर लेट गए में दोनों के बीच मे एक दम नंगी आंखे बंद कर बेड पर लेट गई और दोनो से पूछने लगी की कितना मज़ा आया ।
राहुल बोला :- अपने खुद के हाथ से ज्यादा आपके हाथ में और लंड चुस्वाने में तो क्या कहूँ कितना मज़ा आया ।
कुणाल का फर्स्ट टाइम था तो उसे भी बहुत मज़ा आया । मैं आँखे बंद करके लेटी हुई थी एक दम से मेरी चूत पर कुछ गर्म महसूस हुआ जब मैंने आँखे खोली तो पाया कि राहुल मेरी चूत चाट रहा था । और यह देख कुणाल ने भी अपने हाथ बढ़ाते हुए मेरी चुचियो पर रख दिये। वह उन्हें दबाने ओर मसलने लगा । मैं भी जल्दी ही झड़ गई ।
राहुल अब मेरी साइड में आकर लेट गया कुणाल अभी भी हल्के हल्के मेरी चुचिया पर अपना हाथ मसल रहा था ।
राहुल फिर से मेरी चूत पर अपना हाथ रख कर बोला क्या मैडम जी इसमे लंड डालने से और भी मज़ा आता है मैंने हाँ में सिर हिलाया और पूछा तुम्हें कैसे पता?
तो वह बोला मोबाइल पर वीडियो देख कर पता चला । कुणाल हमारी बातो को ध्यान से सुन रहा था । उसे इस बारे में कुछ नही पता था । मैंने दोनो के लंड की तरफ देखा तो दोनों के लंड फिर से खड़े हो गए थे । मैंने दोनो के लंड का मज़ा एक साथ लेना चाहती थी पर मैंने पहले कभी गांड नहीं मरवाई थी पर सुना था की गांड मरवाने में बहुत मज़ा आता है ।
तो मैं राहुल की तरफ करवट लेकर लेट गई और उसके हॉट चूसने लगी और वह दोनो हाथो से मेरे चुचे मसलने लगा । कुणाल को मैंने पीछे से अपनी और बिल्कुल चिपका दिया था उसका लंड मेरी गांड के दरार में था और राहुल का लंड जांघो पर रगड़ खा रहा था । मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था । दोनो का फर्स्ट टाइम था तो मैं रसोई से जाकर सरसो का तेल और दो कंडोम ले आई । मेरे हसबैंड ने घर पर पहले ही काफी सारे कॉन्डोम के पैकेट ला रखे थे ।
कुणाल मेरे हाथ मे कंडोम देख बोला मैडम जी ये क्या है?
तो राहुल बोला अरे ये आदमी सेक्स करने से पहले अपने लंड पर चढ़ाते है ताकि औरत को बच्चा न हो और इस से एड्स भी नही होता है । में राहुल की तरफ मुस्करा कर देखने लगी और बोली वाह राहुल तुम तो इन कामो में बहुत होशियार हो । तो मैंने सबसे पहले उन दोनों के लंड पर कंडोम चढ़ाया और अपनी चूत ओर गांड पर तेल लगा कर बिल्कुल चिकनी कर ली ताकि लंड आसानी से चला जाये ।
अब मैं दोनो के बीच में लेट गई।
अब मैंने कुणाल की तरफ करवट लिया और उसका लंड मेरी चूत पर टकरा रहा था मैंने उसका लंड अपनी चूत पर सेट किया और कुणाल को हल्का सा धक्का मारने के लिए कहा । कुणाल ने जैसे ही धका लगाया उसे दर्द हुआ मैंने उसे उसी पोजीशन में रुकने को कहा इतने में पीछे से राहुल ने मेरी गांड को हल्का सा खोल कर अपना लंड मेरी गांड पर टिका कर एक धक्का मारा मुझे ओर राहुल को एक साथ बहुत दर्द हुआ। राहुल का पहली बार था और मैने भी पहले कभी गांड नही मरवाई थी । हम तीनो रुके हुए थे पांच मिनट बाद राहुल ने अपना लंड आगे पीछे करना स्टार्ट कर दिया यह देख कुणाल भी लंड चूत में थोड़ा और अंदर डाल कर आगे पीछे करने लगा । कुछ देर बाद ही हम तीनों को बहुत मज़ा आ रहा था । करीब साथ या आठ मिंट बाद कुणाल का वीर्य गिर गया ।
कंडोम की वजह से सारा वीर्य कंडोम में गिर गया था । कुणाल बिल्कुल शांत बेड पर लेट गया पर राहुल अभी तक मुझे चोदे जा रहा था मैं भी अब तक झड़ी नही थी । मैंने राहुल से गांड से लंड निकालकर चूत में डालने के लिए कहा अब मैं सीधी हो गई थी । राहुल अब मेरे ऊपर लेट गया और वह लंड मेरी चूत में डालने लगा उस से लंड अंदर नही गया । फिर मैंने उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत पर टिकाया और फिर धक्का मारने के लिए कहा राहुल ने एक धक्के मे ही पूरा लंड जड़ तक डाल दिया । मुझे हल्का सा दर्द हुआ राहुल पूरी स्पीड में धक्के लगाने लगा । मुझे बहुत आनंद आ रहा था कुणाल यह सब देख रहा था ।
काफी देर बाद पहले राहुल झड़ गया और कुछ सेकंड बाद मैं भी झड़ गई । मुझे ज़िन्दगी में पहली बार इतना मज़ा आया था और पहली बार गांड मरवाई थी तो दर्द भी बहुत हो रहा था मैं बहुत खुश हुई फिर हम नंगे ही नहा लिए और बदन सूखा कर हम तीनो ने कपड़े पहनें फिर मैंने उन्हें कुछ खाने के लिए फ्रूट्स दिए और हम तीनों मिल कर खाने लगे ।
वह घर जाने लगे मैंने दोनो को किस किया और यह बात किसी को न बताने के लिए कहा और जाते हुए कहा कल भी इसी टाइम आ जाना ।
और कल मैं पूरी बुक का टेस्ट लुंगी ।
जिसके नंबर बढ़िया आएंगे उसको कल फिर से मज़ा करने का अलग तरीका सिखाऊंगी ।
अगला पार्ट जल्दी ही .........
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हेल्लो मेरे प्यारे मित्रो मेरा नाम रितिका सैनी है
यह कहानी मुझे संगीता जी ने भेजी है ।
आगे की कहानी उन्हीं की जुबानी ।
आज मैं अपनी लाइफ की एक स्टोरी आपके सामने पेश करने वाली हूं। जिसको पढ़कर आप बिना मुठ मारे रह नही पाओगें।
मेरा नाम संगीता है उम्र चोबीस साल है और मेरी हाइट करीब पांच फुट सात इंच की है । मेरी गांड जो मेरे शरीर का सबसे बड़ा अंग है और इसी अंग के लोग दीवाने है । मेरी चुचिया गांड के मुकाबले थोड़े कम साइज की है । लेकिन अगर उन्हें कोई देख ले तो बिना मेरे चुचे दबाएँ रह नही पाएगा ।
मेरे शादी हुए 3 महीने ही हुए है पर मुझे मेरे पति से वो सुख नही मिल पा रहा था जो मुझे चाहिए था । मेरे पति का लंड था तो लंबा और मोटा पर वह जल्दी ही अपना पानी मेरी चूत में गिरा कर सो जाते थे। तब मैंने किसी दूसरे मर्द से चुदने की सोची और एक दिन खाली बैठे-बैठे दिमाग मे ख्याल आया क्यो न किसी स्कूल में पढ़ाया जाएं और किसी जवान बच्चे से अपनी प्यास शांत कराऊ । मैंने स्कूल में पढ़ाने की बात अपने पति को बताई तो वह थोड़ी आना कानि करने के बाद मान गए । पैसो की घर मे कोई कमी नही थी।
मैं तो अपनी प्यास के लिए स्कूल में लगी थी कि कोई जवान बच्चा मेरी गर्म चूत की आग को शांत कर दे ।
घर से थोड़ी ही दूरी पर एक प्राइवेट स्कूल था वहाँ पर मैं दस हज़ार रुपये की तनख्वाह पर लग गई और मुझे केवल बच्चो को साइंस सब्जेक्ट पढ़ाना था ।
स्कूल में सभी टीचर्स को एक अलग छोटा सा कमरा भी दिया जाता था । फ्री पीरियड में रेस्ट करने के
लिए । मुझे सिर्फ चार पीरियड बच्चो को पढ़ाना था । पहला पीरियड और लास्ट पीरियड दसवीं कक्षा को ।
बाकी दो पीरियड नोवि कक्षा को । मैं डेली अपनी एक्टिवा से स्कूल जाया और आया करती थी । पहला दिन था तो स्कूल में अच्छा इम्प्रैशन जमाना था तो एक रेड कलर की साड़ी नाबी से नीचे पहन के चली गई । मेरा पहला दिन था दसवीं क्लास में मेरा पहला पीरियड लगा और मैं क्लास में गई बच्चो की नज़र मेरे गोरे बदन पर गई सब बच्चे मुझे घूरे जा रहे थे ।
मैंने बच्चो को अपना नाम बताया ओर एक-एक करके सभी बच्चो से नाम पूछा उसके बाद मैंने बच्चो से पूछा बेटा क्लास का मॉनिटर कौन है?
तो बच्चो ने कुणाल नाम के लड़के की तरफ उंगली की बेंच पर दो लड़के बैठे थे दोनो ही दिखने में काफी हैंडसम थे। उसमे से एक बच्चा खड़ा हुआ हाइट मेरे से थोड़ी सी ज्यादा थी । मैंने उसको स्माइल देकर बैठने के लिए कहा और पढ़ाने लगी । घण्टी बजी तो बाहर जाते हुए कुणाल को अपने रूम पर (जो हमे स्कूल की तरफ से मिला हुआ था ) आने के लिए बोला ।
तो वह ओर उसके साथ उसका दोस्त राहुल भी चल दिया वह भी ठीक ठाक था दिखने में हाइट में वह भी मुझसे लंबा था और शरीर मे ठीक ठाक था । मैं दोनो से बाते करते हुए अपने रूम पर पहुँच गई । मैंने उन्हें सामने वाली दो चेयर पर बैठने के लिए कहा और खुद सामने वाली चेयर पर हल्की सी झुक कर बैठ गई मैने उनको कल का होमवर्क लिखने और याद करने के लिए बताया और क्लास में भी सभी बच्चो को बताने के लिए कह दिया । उन दोनों बच्चो की नज़र मेरे चुचियो पर थी और भी यही चाह रही थी । मैंने भी उनको नॉटी स्माइल देते हुए कहा की बेटा होमवर्क जरूर करके आना लिखकर और याद भी करके ।
दोनो अपनी क्लास की और चल दिये । लास्ट पीरियड फिर मेरा उनकी क्लास में था तो मैं चल दी अपना रूम लॉक करके और क्लास में जाकर बैठ गई और बच्चो को थोड़ा सा काम याद करने के लिए दे दिया ओर कहा कि अभी मैं पंद्रह मिनट में सुनूंगी । तो राहुल और कुणाल पढ़ने लगे । बाकी बच्चो की नज़र मेरी और थी । बच्चे जल्दी जल्दी याद करने लगे । पंद्रह मिनट बाद मैं उनसे सुनने लगी । किसी बच्चे ने कुछ नही याद किया था सब मुँह लटका कर खड़े हो गए । सिर्फ कुणाल और राहुल ने सही सुनाया था या या कहे दोनों मुझे इम्प्रेस करना चाहते थे । मैं दोनो से इम्प्रेस हुई और शाबाशी देते हुए बैठने के लिए कहा ओर सारी क्लास को गुस्से में देखते हुए क्लास से निकल गई ।
अब यह काम डेली का हो गया था कोई बच्चा कुछ नही सुनाता था राहुल थोड़ा पढ़ने में कुणाल से कमजोर था मैं उसे कुछ नही कहती थी क्योकि मुझे यकीन था की राहुल या कुणाल में से ही कोई मेरी प्यास बुझा सकता है।
अगले दिन भी सारी क्लास खड़ी थी राहुल और कुणाल को छोड़कर । दूसरा दिन था तो मैंने बच्चो की पिटाई शुरू कर दी और अपने रूम में चली गई ।
लास्ट पीरियड मेरा ही होता था मैं गई और सुबह का काम फिर से सुनने लगी और स्कूल की छुटि हो गई थी । फिर से मैंने उन्हें अपने रूम पर बुलाया और रूम पर पहुँच कर मैंने दोनो को सबसे पहले एक-एक उनके गाल पर किस किया दोनो शर्मा गए फिर मैंने कहा शर्मा क्यो रहे हो यह तुम्हारी मेहनत का फल है अगर रोज पढोगे तो डेली एक किस मिलेगी। दोनो मेरी तरफ एक हवस की नज़र से देख रहे थे ।
मैंने उन्हें अगले दिन का होमवर्क बता दिया फिर वह अपनी क्लास में चले गए । हर रोज सारी क्लास मुँह लटका कर खड़ी हो जाती मैं उन्हें कुछ न कुछ पनिशमेंट देती ।
कुणाल और राहुल को सुनाने पर उनको गिफ्ट में एक-एक किस देती सबके सामने नही अपने रूम में । अब किस की वजह से दोनों डेली पढ़कर आने लगे और दोनो दसवी कक्षा में अच्छे नंबरो से पास हुए उनके घर वालो ने भी मुझे शाबाशी दी और मुह मीठा करवाया । जिस स्कूल में मैं पढ़ाती थी वह दसवीं तक ही था बाकी की पढ़ाई के लिए राहुल और कुणाल को दूसरे स्कूल में दाखिला लेना पड़ा मैं स्कूल से हट गई थी अब मुझे दो शेर मिल गए थे जो मेरी प्यास बुझा सकते थे मुझे यकीन था वह मेरे बिना नहीं रह पाएंगे उन्होंने दूसरे स्कूल में भी मेडिकल ऑप्शन को चुना और उनके घर वालो ने मेरे पास दोनो बच्चो को ट्यूशन पढ़ने के लिए भेज दिया।
अब दोनो ग्यारवी कक्षा में हो गए थे । मैं उनको जान बूझ कर पढ़ाने के बहाने उकसाने के लिए अपने चुचे उन्हें दिखाती और ऐसे ही पढ़ाती थी ।
दोनो बच्चे पढ़ते भी ओर चुचियो को भी घूरते । दोनो बच्चों को मै किस का लालच देकर पढ़ाती थी कि जो पहले काम करेगा उसको किस मिलेगी दोनो गालो पर कुणाल होशियार था तो वह जल्दी सुना देता था और मैं उसको दोनो गालो पर किस करती । राहुल भी यह देख जल्दी याद करता ।
किस के लालच में दोनों बहुत होशियार हो गए थे । अब उनके पेपर नज़दीक आ गए थे सिलेब्स काफी रहता था तो मैंने तरकीब लगाई जिस से यह जल्दी सारा सिलेब्स कर ले । अगले दिन जब वो ट्यूशन आये तो मैंने उन्हें कहा कि आज से हम डेली एक चैप्टर करेंगे जो सबसे पहले सुनाएगा उसे मेरी शरीर पर कही भी किस करने का मौका मिलेगा।
दोनों ने याद करना स्टार्ट कर दिया इस बार राहुल ने जल्दी जल्दी याद कर मुझे सुनाने लगा ।
कुणाल भी यह देख कर अब जल्दी-जल्दी याद करने लगा मैंने राहुल को अपने पास बुलाया और उससे पूछा की तुम कहा किस करना चाहते हो तो उसने बड़ी आराम से मेरी आँखों मे देखते हुए बोला मैडम जी आपके होटो पर मैंने उसको देखा उसकी आँखों मे हवस नज़र आ रही थी । मैंने उसके गाल पकड़ कर उसके हॉट पर किस करने लगी वह भी मेरी हॉट चूसने लगा । पाँच मिनट तक उसके हॉट चूसने के बाद मैंने उसे अपने से दूर किया । अब मुझे कुणाल और राहुल के पैंट में उनके खड़े लंड ऊपर से साफ दिखाई दे रहे थे कुणाल ने भी मुझे सुना दिया मैंने उस से पूछा की तुम कहा किस करना चाहते हो तो उसने भी हॉट कहा मैं भी उसके रसीले हॉट चूसना चाहती थी । फिर मैंने भी उसको पांच मिनट के बाद दूर कर दिया ।
अब कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा । दोनो के एग्जाम नज़दीक आ गए थे । पेपर में सिर्फ दो दिन रह गए थे । मैंने उन्हें स्कूल न जाने के लिए कहा और कहा की घर बता देंना की हम एग्जाम की तैयारी ट्यूशन पर करेंगे । घर वालो ने भी कुछ नही कहा । मैंने उन्हें सुबह नो बजे ट्यूशन आने के लिए बोला । अगले दिन सुबह आठ बजे तक मैंने अपने हसबैंड को तैयार करके खाना दे दिया और उन्हें हॉट पर एक किस देकर बाहर तक छोड़ आई । वह चले गए अभी साड़े आठ हुए थे बच्चो के आने में अभी आधा घंटा था तो मैं फ्रेश हो कर नहाने चली गई । अभी मैं नहा कर बस अपनी अंडरवियर पहने के लिए उठाई ही थी कि डोरबेल बजी । मैंने जल्दी ही एक बड़ा सा टोलिया लपेटा और गेट खोलने चली गई गेट खोला तो कुणाल और राहुल थे वे मुझे देखकर मुस्करा दिए । मैंने भी नॉटी स्माइल देते हुए उन्हें अंदर आने के लिए बोला । मैंने उन्हें बैठने के लिए बोला और अंदर जाकर कपड़े बदलने लगी । मैंने जैसे ही तोलिया खोला पीछे से राहुल की आवाज आई मैडम जी क्या आज भी जो पहले सुनायेगा उसको किस मिलेगी मैं पीछे मूडी राहुल की नज़र मेरी गांड पर थीं मैं मुड़ी ओर उसे अपने चुचियो और क्लीन सेव्ड चूत के भी दर्शन करा दिए । राहुल ने मेरी चूत देखते ही अपने होंठों पर जीभ फिरा दी । मैंने जल्दी से वापिस टोलिया लपेटा अब मुझसे और नही रहा जा रहा था । मैंने राहुल को अंदर बुलाकर उसके हॉट चूसने लगी दो मिनट के बाद मैं उस से अलग हुई । वह मेरी आँखों मे देख रहा था मैं उसके साथ बाहर आई जहाँ कुणाल बैठा था और दोनों को बोली की आज मैं दोनो से एक साथ सुनूंगी और दोनों के सुनाने के बाद दोनो को किस के अलावा भी आज कुछ मज़ा मिलेगा । दोनो मेरी तरफ देखने लगे मैंने उन्हें पढ़ने के लिए कहा और उन्हें पढ़ने के लिए पूरी बुक दे दी । दोनो को पूरी बुक याद थी बस रीवाइस करनी थी। दोनो ने करीब पैंतालीस मिंट में ही सारा पढ़ लिया और दोनों खुशी के मारे बोले मैडम जी हमे याद हो गया है सुन लो । मैं उनसे ज्यादा उतावली थी । मैं उनसे सुनने लगी मैंने दोनो से सब सुनलिया । मैं भी ख़ुश हो गई की चलो बच्चो को किसी बहाने से याद तो करा दिया अब मेरी बारी थी मैंने दोनो को अपने बैग बंद करने के लिए कहा और कहा की मेरे साथ मेरे बेडरूम में चलो । मैंने बैडरूम में पहुँच कर बिना शरमाये अपना टोलिया उतार दिया और दोनों के सामने बिल्कुल नंगी खड़ी हो गई । मैंने दोनो को अपने पास बुलाया राहुल की और कुणाल की नज़र मेरी क्लीन सेव्ड चूत से हट ही नही रही थी । दोनो मेरी चूत को बिना पलक झपकाएं देख रहे थे । उनके लिए तो यह एक सपने जैसा था । मैंने अपनी चुटकी बजाकर दोनो को सपने से बाहर निकाला और बोली क्या देख रहे हो देखना ही है आगे भी कुछ करना है । राहुल आया और मेरी चुचियो को पकड़ कर हल्के से दबाने लगा जैसे उसे एक्सपीरियंस हो । चुचियो को दबाते हुए नीचे बैठ गया और मेरी चूत चाटने लगा मैं एक दम से सिसक गई । यह सब देख कुणाल भी मेरे पास आया और मेरे पास आकर खड़ा हो गया उसे अभी भी शर्म आ रही थी मैंने उसको अपनी और खिंचा ओर उसके हॉट चूसने लगी अब वह भी मेरा साथ दे रहा था । मैंने उसका एक हाथ पक्कड़ अपनी चूची पर रखा वह बड़े मजे से उन्हें दबाने लगा । अब एक चूची राहुल ओर एक चूची कुणाल दबाने लगा । मुझे बहुत मज़ा आ रहा था । कुछ देर बाद मैने दोनो को रोका और दोनों को भी अपने अपने कपड़े निकालने के लिए बोला राहुल तो एक दम खड़ा हुआ और अपनी शर्ट ओर लोअर उतारने लगा । अब सिर्फ अंडरवियर में से उसका लंड काफी बड़ा लग रहा था राहुल की उम्र करीब सत्रह साल थी और उसका लंड अंडरवियर में से देख मुँँह में पानी आ गया था । क्योंकि मेरे पति न तो कभी मेरी चूत चाटते थे ओर न अपना लंड चूसने देते थे । मैंने कुणाल को देखा तो वह भी राहुल को देख रहा था उसने अभी तक अपने कपड़े नही निकाले थे । मैं उसके पास गई और उसके कपड़े निकालने लगी उसको शर्म आ रही थी मैने राहुल की तरफ देखा तो वह बिल्कुल नंगा खड़ा था और उसका लंड करीब मेरे पति के लंड जितना मोटा और लंबा था और वह अपने लंड को सहला रहा था। मैंने इंतज़ार न करते हुए कुणाल के सारे कपड़े निकाल दिए । उसका लंड राहुल से आधा इंच छोटा था मोटा उतना ही था दोनो के लंड एक दम तने हुए थे मैन राहुल को भी अपने पास बुलाया । मैंने राहुल ओर कुणाल के लंड को पकड़ कर आगे पीछे करने लगी । दोनो की आँखे बंद हो गई थी और दोनों मेरे हाथ का मज़ा ले रहे थे । अब मुझे दोनो के हाथ अपने शरीर पर घूमते दिखे मुझे जोश चढ़ने लगा मैंने पहले कुणाल का लंड अपने मुँह में लिया फिर राहुल का कुछ देर बाद दोनो का वीर्य जल्दी ही छूट गया था और मैं दोनो का वीर्य पिगयीं । वह दोनो अब रिलेक्स हो गए । अब हम तीनो बेड पर लेट गए में दोनों के बीच मे एक दम नंगी आंखे बंद कर बेड पर लेट गई और दोनो से पूछने लगी की कितना मज़ा आया ।
राहुल बोला :- अपने खुद के हाथ से ज्यादा आपके हाथ में और लंड चुस्वाने में तो क्या कहूँ कितना मज़ा आया ।
कुणाल का फर्स्ट टाइम था तो उसे भी बहुत मज़ा आया । मैं आँखे बंद करके लेटी हुई थी एक दम से मेरी चूत पर कुछ गर्म महसूस हुआ जब मैंने आँखे खोली तो पाया कि राहुल मेरी चूत चाट रहा था । और यह देख कुणाल ने भी अपने हाथ बढ़ाते हुए मेरी चुचियो पर रख दिये। वह उन्हें दबाने ओर मसलने लगा । मैं भी जल्दी ही झड़ गई ।
राहुल अब मेरी साइड में आकर लेट गया कुणाल अभी भी हल्के हल्के मेरी चुचिया पर अपना हाथ मसल रहा था ।
राहुल फिर से मेरी चूत पर अपना हाथ रख कर बोला क्या मैडम जी इसमे लंड डालने से और भी मज़ा आता है मैंने हाँ में सिर हिलाया और पूछा तुम्हें कैसे पता?
तो वह बोला मोबाइल पर वीडियो देख कर पता चला । कुणाल हमारी बातो को ध्यान से सुन रहा था । उसे इस बारे में कुछ नही पता था । मैंने दोनो के लंड की तरफ देखा तो दोनों के लंड फिर से खड़े हो गए थे । मैंने दोनो के लंड का मज़ा एक साथ लेना चाहती थी पर मैंने पहले कभी गांड नहीं मरवाई थी पर सुना था की गांड मरवाने में बहुत मज़ा आता है ।
तो मैं राहुल की तरफ करवट लेकर लेट गई और उसके हॉट चूसने लगी और वह दोनो हाथो से मेरे चुचे मसलने लगा । कुणाल को मैंने पीछे से अपनी और बिल्कुल चिपका दिया था उसका लंड मेरी गांड के दरार में था और राहुल का लंड जांघो पर रगड़ खा रहा था । मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था । दोनो का फर्स्ट टाइम था तो मैं रसोई से जाकर सरसो का तेल और दो कंडोम ले आई । मेरे हसबैंड ने घर पर पहले ही काफी सारे कॉन्डोम के पैकेट ला रखे थे ।
कुणाल मेरे हाथ मे कंडोम देख बोला मैडम जी ये क्या है?
तो राहुल बोला अरे ये आदमी सेक्स करने से पहले अपने लंड पर चढ़ाते है ताकि औरत को बच्चा न हो और इस से एड्स भी नही होता है । में राहुल की तरफ मुस्करा कर देखने लगी और बोली वाह राहुल तुम तो इन कामो में बहुत होशियार हो । तो मैंने सबसे पहले उन दोनों के लंड पर कंडोम चढ़ाया और अपनी चूत ओर गांड पर तेल लगा कर बिल्कुल चिकनी कर ली ताकि लंड आसानी से चला जाये ।
अब मैं दोनो के बीच में लेट गई।
अब मैंने कुणाल की तरफ करवट लिया और उसका लंड मेरी चूत पर टकरा रहा था मैंने उसका लंड अपनी चूत पर सेट किया और कुणाल को हल्का सा धक्का मारने के लिए कहा । कुणाल ने जैसे ही धका लगाया उसे दर्द हुआ मैंने उसे उसी पोजीशन में रुकने को कहा इतने में पीछे से राहुल ने मेरी गांड को हल्का सा खोल कर अपना लंड मेरी गांड पर टिका कर एक धक्का मारा मुझे ओर राहुल को एक साथ बहुत दर्द हुआ। राहुल का पहली बार था और मैने भी पहले कभी गांड नही मरवाई थी । हम तीनो रुके हुए थे पांच मिनट बाद राहुल ने अपना लंड आगे पीछे करना स्टार्ट कर दिया यह देख कुणाल भी लंड चूत में थोड़ा और अंदर डाल कर आगे पीछे करने लगा । कुछ देर बाद ही हम तीनों को बहुत मज़ा आ रहा था । करीब साथ या आठ मिंट बाद कुणाल का वीर्य गिर गया ।
कंडोम की वजह से सारा वीर्य कंडोम में गिर गया था । कुणाल बिल्कुल शांत बेड पर लेट गया पर राहुल अभी तक मुझे चोदे जा रहा था मैं भी अब तक झड़ी नही थी । मैंने राहुल से गांड से लंड निकालकर चूत में डालने के लिए कहा अब मैं सीधी हो गई थी । राहुल अब मेरे ऊपर लेट गया और वह लंड मेरी चूत में डालने लगा उस से लंड अंदर नही गया । फिर मैंने उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत पर टिकाया और फिर धक्का मारने के लिए कहा राहुल ने एक धक्के मे ही पूरा लंड जड़ तक डाल दिया । मुझे हल्का सा दर्द हुआ राहुल पूरी स्पीड में धक्के लगाने लगा । मुझे बहुत आनंद आ रहा था कुणाल यह सब देख रहा था ।
काफी देर बाद पहले राहुल झड़ गया और कुछ सेकंड बाद मैं भी झड़ गई । मुझे ज़िन्दगी में पहली बार इतना मज़ा आया था और पहली बार गांड मरवाई थी तो दर्द भी बहुत हो रहा था मैं बहुत खुश हुई फिर हम नंगे ही नहा लिए और बदन सूखा कर हम तीनो ने कपड़े पहनें फिर मैंने उन्हें कुछ खाने के लिए फ्रूट्स दिए और हम तीनों मिल कर खाने लगे ।
वह घर जाने लगे मैंने दोनो को किस किया और यह बात किसी को न बताने के लिए कहा और जाते हुए कहा कल भी इसी टाइम आ जाना ।
और कल मैं पूरी बुक का टेस्ट लुंगी ।
जिसके नंबर बढ़िया आएंगे उसको कल फिर से मज़ा करने का अलग तरीका सिखाऊंगी ।
अगला पार्ट जल्दी ही .........
Very. Nice story
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